मेरे पति ने मुझे भरपूर यौन सुख दिया- 2

बिग डिलडो फक स्टोरी में मेरे पति का लंड काफी छोटा था. शादी के बाद वे मुझे डिलडो से चोदते रहे, मुझे पता नहीं चला. फिर एक दिन उन्होंने खुद बताया और मेरे लिये बड़े बड़े लंड लाये नकली. दोस्तो, मैं रतन दत्त आपको अपनी पाठिका सोनम के द्वारा लिखी सेक्स कहानी बता रहा था. कहानी के पहले भाग मेरे शर्मीले बॉस से मेरी शादी हुई में अब तक आपने पढ़ा था कि सोनम सज्जन की कंपनी में नौकरी करती थी. फिर सोनम की 24 साल की उम्र में सज्जन सिंह के साथ शादी हो गई थी उस वक्त उसके पति की उम्र 31 साल की थी. सज्जन स्वभाव से शर्मीले थे, शादी तय होने से पहले सज्जन ने सोनम से कहा था कि पता नहीं मैं तुम्हें कितना सुख दे पाऊंगा. उनकी शादी हुए एक महीना बीत गया, सज्जन ने सोनम से शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश नहीं की. फिर एक दिन सोनम बंगले के बगीचे के कीचड़ में गिर पड़ी, सोनम ने बताया वह चल नहीं पा रही पैर में चोट लगी है. सज्जन उसे गोद में उठाकर बेडरूम ले गए. सज्जन ने सोनम के कपड़े बदले, सोनम का नग्न शरीर देखकर सज्जन उत्तेजित हो गए. उन दोनों के बीच तय हुआ कि शनिवार को वे दोनों यौन संबंधों की शुरुआत करेंगे. अब आगे की बिग डिलडो फक स्टोरी पुनः सोनम की जुबानी सुनें. शनिवार शाम हमने हल्का डिनर लिया, नहाकर मैंने सुन्दर नाइटी पहनी और हम दोनों बेडरूम में आ गए. सज्जन मेरे होंठ चूमने लगे, मेरे चूचों को हल्के हल्के से दबाने लगे. मैं आनन्द से सिसकारी ले रही थी. सज्जन ने तेज लाइट बंद कर दी और नीला नाईट लैंप जला दिया. अब कमरे में बहुत कम रोशनी थी. सज्जन मेरे कपड़े उतारने लगे. मैंने ब्रा उतारने में उनकी मदद की. जल्द ही मैं पूरी नंगी लेटी थी. सज्जन ने अपने कपड़े उतार दिए, सिर्फ फ्रैंची चड्डी पहने रहे. चड्डी में उनका खड़ा लिंग दिख रहा था. सज्जन मेरे चूचे चूसने दबाने लगे. बदन पर हाथ फेरने लगे. मेरे निप्पल तन गए और योनि गीली हो गयी. सज्जन- अब आगे बढ़ते हैं? मैंने मुस्कुराकर हाँ में सर हिलाया. मैंने चित लेटकर अपने पैर फैला दिए. मैंने देखा कि सज्जन ने फ्रैंची चड्डी के साइड से लंड बाहर निकाला, पूरी चड्डी नहीं उतारी. शायद वे चड्डी पूरी तरह से उतारने से शर्मा रहे थे. सज्जन ने अपने लिंग पर तेल लगाया, मेरे ऊपर आकर योनि में लिंग डालने लगे. उन्हें मेरी योनि का छेद नहीं मिल रहा था. मैंने उनका कड़क लिंग पकड़ कर अपनी योनि के छेद पर रखा. सज्जन धीरे धीरे लिंग योनि में डालने लगे, मुझे दर्द हो रहा था. मेरी आंखों में आंसू थे, पर चेहरे पर मुस्कान. पूरा लिंग डालने के बाद सज्जन ने मेरे सर पर हाथ फेरकर पूछा- ज्यादा दर्द हो रहा है? मैं बोली- थोड़ा सा. कुछ देर सज्जन मुझे चूमते रहे, चूचे दबाते रहे. कुछ देर में दर्द कम हुआ, तो मैंने सज्जन को बताया. अब सज्जन धीरे धीरे चोदने लगे. मुझे दर्द कम मजा ज्यादा आ रहा था. मैं अपनी कमर उछालने लगी, सज्जन ने स्पीड बढ़ा दी. कुछ देर में मेरी योनि से कामरस का फव्वारा निकला और मैं निढाल हो गयी. मैंने सज्जन को बताया कि मेरा हो गया है. उन्होंने लिंग योनि से बाहर निकाल लिया. सज्जन- मैं स्टडीरूम वाले बाथरूम में जा रहा हूँ. तुम बेडरूम के बाथरूम में फ्रेश हो जाओ. मैंने बाथरूम में योनि छूकर देखा, उसमें खून लगा था. मैंने अपनी योनि धोयी. जब मैं बेडरूम में आयी तो सज्जन चादर बदल रहे थे … चादर में खून लगा था. सज्जन ने कपड़े पहने थे. मैंने नाइटी पहनी, हम दोनों लेट गए. दूसरी रात फोरप्ले के बाद सज्जन ने अपने कपड़े उतार दिए, सिर्फ चड्डी पहने रहे. उन्होंने मेरे सारे कपड़े उतार दिए, मेरे चूचे चूसने के बाद मेरे पेट को चूमा और नीचे जाकर मेरी जांघों को चूमने लगे. फिर मेरे पैर फैलाकर योनि चूमी और जीभ योनि में डालकर चाटने लगे. मैं उत्तेजना से मचल रही थी. मैं पैर फैलाकर लेटी थी. सज्जन ने चड्डी के साइड से खड़ा लिंग निकाला और मेरे ऊपर चढ़ कर मुझे चोदने लगे. जब मेरा हो गया तो सज्जन स्टडीरूम के बाथरूम में चले गए. उधर से पजामा पहन कर वापस आये. हमने अगली सात रातों तक रोज सम्भोग किया. सज्जन ने अपनी चड्डी पूरी नहीं उतारी. सज्जन ने मुझे घोड़ी बनाकर भी चोदा. मुझे संभोग से स्वर्ग जैसा आनन्द मिला. मैं अपने पति से चुदवा कर पूरी तरह संतुष्ट थी. मेरी सहेली ने बताया था कि सम्भोग के समय पत्नी जब चरम आनन्द में पहुंच जाती है, तब उसकी योनि से कामरस निकलता है. वह निढाल हो जाती है. पति के लिंग से वीर्य निकल कर योनि में भर जाता है. पति को वीर्य निकलने से परम सुख मिलता है. फिर उसका लिंग सिकुड़ जाता है. मुख मैथुन के समय वह पति का लिंग चूसती है, पति उसकी योनि. पति के लिंग से वीर्य निकलता है तो वह वीर्य पी जाती है. पत्नी की योनि से कामरस निकलता है, तो पति कामरस चाट जाता है. मैं सोचने लगी कि मेरे साथ सम्भोग के समय सज्जन के लिंग से ना तो वीर्य निकलता है और ना ही सम्भोग के बाद उनका लिंग सिकुड़ता है. पर जब वे बाथरूम से वापस आते हैं तो उनका लिंग तना नहीं रहता. सज्जन मेरी योनि चूसते हैं, पर कभी उन्होंने लिंग चूसने को नहीं कहा. मैं सोच रही थी कि क्या सज्जन को मैं पूरा यौन आनन्द नहीं दे रही हूँ. मैंने अपने पति से बात करने की सोची. मुझे याद है उस दिन रविवार था हमारी छुट्टी थी. चाय नाश्ते के बाद सज्जन ने कहा- सोनम शांति से बैठो और ध्यान से सुनो … मुझे कुछ बात बतानी है. मैं उनके चेहरे की तरफ देखने लगी. सज्जन- सोनम क्या तुम मेरे साथ सम्भोग कर खुश और संतुष्ट हो? मैं- हां मैं बहुत संतुष्ट हूँ, पर आप ऐसा क्यों पूछ रहे हैं? सज्जन- मुझमें एक शरीरिक कमी है, मेरा खड़ा लिंग सिर्फ ढाई इंच लम्बा ही है. इससे मैं तुम्हें सम्भोग का आनन्द नहीं दे सकता, पर तुम्हें शारीरिक सुख से वंचित करना भी मुझे उचित नहीं लगा. इसलिए मैं नकली लिंग, जिसे स्ट्रैप ऑन डिल्डो कहते हैं, लगाकर तुम्हारे साथ सम्भोग करता हूँ. यह कह कर सज्जन ने नकली लिंग मेरे हाथ में दिया. उसमें एक बेल्ट लगी थी. नकली लिंग 5 इंच लम्बा और 1. 5 इंच मोटा था. मैं उसे देखने लगी. तभी अचानक से सज्जन ने कहा- मैं कॉफी बनाकर लाता हूँ. यह कहकर सज्जन चले गए. मैं स्तब्ध बैठी थी. सोच रही थी कि क्या यह धोखा है या पति ने अपनी शारीरिक कमी के बावजूद मुझे सुख देने का उपाय निकाला है. उन्होंने अपने सुख की परवाह ही नहीं की. मुझे तो सज्जन के साथ सम्भोग करने में बहुत आनन्द आया था. मैं अब समझ गयी थी कि नकली लिंग का पता ना चले, इसलिए सज्जन अपनी चड्डी पूरी नहीं उतारते थे. सज्जन कॉफी लेकर आ गए और मेरे सामने बैठ गए. सज्जन- यदि तुम्हें लगता है मैंने धोखा दिया है या तुम्हारे साथ गलत काम किया तो तुम मुझे छोड़ सकती हो. बस मेरी इतनी सी रिक्वेस्ट है कि मेरी शारीरिक कमी को जग जाहिर मत करना, मैं जी नहीं पाऊंगा. अलग होने के बाद भी मैं तुम्हें किसी चीज की कमी नहीं होने दूंगा. मैं- सज्जन जी, आपने अपनी शारीरिक कमी होने के बावजूद मुझे सुख देने का उपाय ढूंढा, अपने सुख की परवाह नहीं की. इससे मेरे मन में तुम्हारे प्रति प्यार और सम्मान और बढ़ गया है. मैं सज्जन का हाथ पकड़ कर उन्हें बेडरूम ले गयी और उनके होंठ चूमने लगी. मेरे पति सज्जन ने मुझे आलिंगन में ले लिया. मैं भावना के आवेग में थी. मैं- तुमने मुझे मुख मैथुन का आनन्द दिया. अब मैं भी तुम्हें मुख मैथुन का आनन्द दूंगी! यह कहकर मैंने सज्जन का कुरता पजामा व चड्डी को उतार दिया. अपने घुटनों पर खड़ी होकर मैंने अपने पति लिंग को चूमा, उनका लिंग कड़क हो गया. मेरे पति का खड़ा लिंग ढाई इंच लम्बा और 1. 5 इंच मोटा था. मैं उनके लिंग को लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी. सज्जन ‘आ आ’ करके कमर हिलाने लगे. कुछ देर बाद उनके लिंग से वीर्य की पिचकारी निकली. उसका स्वाद अजीब सा था, पर मैं पूरे वीर्य को पी गयी. सज्जन- सोनम तुमने मुझे मेरी शारीरिक कमी के बावजूद स्वीकार किया, मैं तुम्हारा आभारी हूँ. आज लंच हम बाहर करेंगे. शाम को शराब की पार्टी भी करेंगे. हम दोनों बाहर लंच लेकर आये. मैंने कहा- मैंने शराब कभी नहीं पी है, सुना है कड़वी होती है. सज्जन- बस थोड़ी पिएंगे, तुम्हें वोडका में स्प्राइट मिलाकर दूंगा, पीने में अच्छा लगेगा. शाम 7 बजे हम दोनों पीने बैठे, आधा गिलास शराब पीने से ही मुझे न/शा हो गया. ऐसा लगने लगा मानो मैं हवा में उड़ रही हूँ. सज्जन ने पूरा ग्लास खत्म किया. सज्जन- तुमने जब मेरा लिंग चूसा, तो मुझे इतना आनन्द पहली बार आया. अब तक मैं हस्तमैथुन से काम चला लेता था. तुमको सेक्स और मुख मैथुन के बारे में किसने बताया? मैं- मेरी शादी शुदा सहेली ने बताया. न/शे में मैं कहती चली गयी कि सहेली के पति का लिंग बहुत लम्बा है, वह बता रही थी कि अपने पति का लिंग चूसते समय जब वह उसके गले तक जाता है, तो उसे साँस लेने में मुश्किल होती है. तुम्हारा लिंग चूसने में मुझे कोई तकलीफ नहीं हुई, सिर्फ मजा आया. जब तुम स्ट्रैप ऑन डिल्डो लगाकर सम्भोग करते हो तो मैं पूरी संतुष्ट हो जाती हूँ. मैं किस्मत वाली हूँ कि मुझे दो लिंग का आनन्द मिलता है. सज्जन मुझे गोद में उठाकर बेडरूम ले गए. हम खड़े एक दूसरे को चूमने लगे, पता ही नहीं चला कब हमने एक दूसरे के कपड़े उतार दिए. बेडरूम में आज तेज लाइट जल रही थी. सज्जन ने मुझे पलंग पर लिटा दिया. वे मेरे नंगे बदन को निहारते हुए बोले- तुम बिना कपड़ों के बेहद सुंदर लगती हो! सज्जन ने मेरे चूचे दबाने चूसने के बाद, मेरी जांघों को चूमा, फिर योनि चूमने चूसने लगे. मैं उत्तेजना में मचल रही थी. सज्जन ने स्टडीरूम से स्ट्रैप ऑन डिल्डो लाकर पहना. मैं समर्पण में चित लेटकर पांव फैलाकर लेटी थी. सज्जन ने डिल्डो योनि में डाला और धीरे धीरे मुझे चोदने लगे. मैं भी कमर उछाल रही थी. कुछ ही देर में वासना की मस्ती बढ़ गई तो मैं कहने लगी- आह और तेज चोद … आह! सज्जन ने स्पीड बढ़ा दी. कुछ देर में मेरा बदन ऐंठने लगा और मैं झड़ गयी. मैं शिथिल स्वर में बोली- आह … मेरा हो गया है! सज्जन ने मेरे ऊपर से उतर कर स्ट्रैप ऑन डिल्डो उतार दिया. मैंने देखा कि सज्जन का लिंग अभी भी खड़ा था. मैं- सज्जन, अब तुम्हारी बारी है. मैंने उनके असली लिंग की तरफ इशारा करके कहा कि अब इसे डालो और शुरू हो जाओ! सज्जन ने अपना ढाई इंच का लिंग मेरी योनि में डाला. उनका थोड़ा सा लिंग मेरी योनि के अन्दर चला गया. सज्जन मुझे चोदने लगे. उन्हें मजा आ रहा था. कुछ देर बाद मेरे पति ने मेरी योनि अपने वीर्य से भर दी. उनका वीर्य मेरी योनि में जाने से मुझे बहुत संतुष्टि मिली जैसे गर्मी के बाद बारिश हो गई हो. उस वक्त सज्जन बहुत खुश लग रहे थे, वे बोले- आह सच में मुझे मजा आ गया. हम दोनों अब खुलकर यौन आनन्द लेने लगे. हम योनि को चूत और लिंग को लंड बोलने लगे. हम दोनों साथ में बैठकर सेक्स वीडियो देखते, तरह तरह के आसन में सम्भोग करते. सेक्स वीडियो में मर्दों के बहुत लम्बे लम्बे और मोटे मोटे लंड देखकर मैं सोचती कि क्या बड़े लंड से ज्यादा मजा आता है? हम दोनों 69 पोजीशन में एक दूसरे का लंड चूत चूसते. कभी सज्जन झड़ जाते तो मैं वीर्य पी जाती, तभी उत्तेजना से मेरी योनि से निकला कामरस सज्जन चाट जाते. हम दोनों फोरप्ले के बाद मुख मैथुन से एक दूसरे को और उत्तेजित करते. फिर सम्भोग करते. सम्भोग में मेरे झड़ जाने के बाद सज्जन डिल्डो उतार कर अपने असली लंड से मुझे चोदते और मेरी चूत में झड़ जाते. हम अन्तरवसना 3 पर हिंदी सेक्स कहानी पढ़ते, साथ नहाते और मस्ती करते. हम दोनों ने अपने बेडरूम, किचन, ड्राइंगरूम, गेस्टरूम में खूब सम्भोग किया. मेरे सास ससुर वापस आ गए थे. अब हम दोनों सिर्फ अपने बेडरूम और बाथरूम में ही यौन आनन्द लेने लगे थे. सज्जन ने बताया कि स्ट्रैप ऑन डिल्डो दो प्रकार के होते हैं. एक जो पुरुष पहनते हैं … उस डिल्डो में जड़ के पास से कुछ लम्बाई तक का भाग खोखला होला है, बाकी भाग ठोस होता है. खोखले भाग में पुरुष अपना लंड डालकर स्ट्रैप ऑन पहन लेता है. दूसरी तरह का स्ट्रैप ऑन डिल्डो लड़कियां पहनती हैं, वह पूरा ठोस होता है. लड़कियां उसे पहन कर एक दूसरे के साथ संभोग करती हैं. इस तरह से हमें यौन आनन्द लेते लेते अब 3 महीने हो गए थे. दीवाली में हमारी कंपनी 7 दिन के लिए बंद रहती है. सज्जन ने दीवाली की छुट्टी में हम दोनों का जर्मनी घूमने जाने का प्रोग्राम बना रखा था. हम लोग जर्मनी में कई जगह घूमे. एक दिन सज्जन एक दुकान के सामने रूककर बोले कि यह सेक्स शॉप है, इसमें सेक्स टॉयज मिलते हैं. चलो अन्दर चलें. मैं राजी नहीं हुई. सज्जन ने समझाया कि यहां हमें कोई नहीं जानता. देखो लड़के लड़कियां सभी दुकान में जा रहे हैं. हम दोनों अन्दर गए. दुकान में सेक्स टॉयज का डिस्प्ले था, सज्जन टॉयज के बारे में बता रहे थे. जैसे कि आस प्लग, वाइब्रेटर, नकली योनि, वाइब्रेटर लगा डिल्डो. हम मर्दों के स्ट्रैप ऑन डिल्डो के सेक्शन में गए. उसमें तरह तरह की लम्बाई मोटाई व अलग अलग रंग के डिल्डो थे. सज्जन- सोनम तुमने कहा था न कि तुम्हारी किस्मत में दो लिंग हैं. आज मैं तुम्हारी किस्मत और चमका देता हूँ. तुम अपनी पसन्द के कई डिल्डो चुनो. हमने पांच अलग अलग साइज और आकार के डिल्डो खरीदे. उसमें एक हब्शी का डिल्डो था. जैसा सेक्स वीडियो में दिखाते है. हब्शी डिल्डो 8 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा था. सज्जन ने वाइब्रेटर लगा आस प्लग, लुब्रिकेशन खरीदा. अगले दिन हम लोग अपने देश लौट आए. घर आकर सज्जन ने सभी सेक्स टॉय साबुन से धोये, सुखाकर सूटकेस में स्टडीरूम में रख दिए. हर रात सज्जन सूटकेस बेडरूम में लाते, हम डिल्डो चुनते और जमकर यौन आनन्द लेते. अब तक मैंने सिर्फ हब्शी डिल्डो अन्दर नहीं लिया था. मुझे उससे डर लग रहा था. सेक्स वीडियो में लड़कियों की गांड में आस प्लग हमने देखा था. एक शनिवार रात सज्जन ने मुझे आस प्लग गांड में डलवाने के लिए राजी किया. उन्होंने कहा- मजा ना आये तो फिर मत करना. मैं तुम्हें दोनों छेदों का आनन्द देना चाहता हूँ. सज्जन ने मुझे पेट के बल लिटा दिया, मैंने अपने दोनों कूल्हे हाथ से फैलाकर छेद से दूर किए और गांड ढीली छोड़ दी. सज्जन एक उंगली पर लुब्रिकेशन लगाकर मेरी गांड में डालकर अन्दर बाहर करने लगे. मुझे अच्छा लगा, जब दूसरी उंगली डाली तो हल्का सा दर्द हुआ. सज्जन ने लुब्रिकेशन लगाकर आस प्लग मेरी गांड में घुसा दिया. थोड़ा दर्द हुआ. हम दोनों नंगे थे, सो चूमा चाटी करने लगे. मैं थोड़ी गर्म हो गयी. सज्जन मेरी चूत चूसने लगे, उन्होंने आस प्लग का वाइब्रेटर शुरू कर दिया. मैं गांड में थरथरहाहट के आनन्द से मचल उठी. यह अलग तरह का आनन्द था. मैं कहने लगी- आह अब जल्दी से चुदाई शुरू करो. सज्जन ने स्ट्रैप ऑन डिल्डो पहना और मुझे मिसनरी पोजीशन में चोदने लगे. मेरी गांड में आस प्लग का वाइब्रेटर चूत में डिल्डो, मुझे दोनों छेदों में लंड का सा मजा मिल रहा था. कुछ देर बाद मैंने सज्जन को पीठ के बल लेटने कहा. मैं उनके लंड की सवारी करने लगी. सज्जन ने आस प्लग का वाइब्रेटर बंद कर दिया. मेरे लंड पर उछलने से आस प्लग का गांड में घर्षण मुझे आनन्द दे रहा था, मैं जल्द झड़ गयी. सज्जन ने डिल्डो उतार दिया, फिर मुझे अपने असली लंड से घोड़ी बनाकर चोदा. मिसनरी पोजीशन की तुलना में इस पोजीशन में उनका लंड थोड़ा ज्यादा अन्दर जाता है. हमें जर्मनी से वापस आये एक महीना हो गया था. फिर हमारी कंपनी में दो दिन की छुट्टी थी. अभी तक मैंने हब्शी डिल्डो जो 8 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा था, को अपनी चुत के अन्दर नहीं लिया था. मेरे मन में डर था, पर बिग डिलडो फक की उत्सुकता भी थी. मैंने शाम को कहा- सज्जन, आज हब्शी डिल्डो ट्रॉय करते हैं. सज्जन ने मुझे फोरप्ले से गर्म किया, मेरी चूत गीली हो गयी. सज्जन ने हब्शी डिल्डो पहना, उस पर लुब्रिकेशन लगाया. मैंने पीठ के बल लेटकर अपने घुटने कंधे की तरफ करके पैर फैला दिए. अपने शरीर को ढीला छोड़ दिया. सज्जन चूत में डिल्डो डालने लगे. डिल्डो थोड़ा सा अन्दर गया तो दर्द से मेरी चीख निकल गई. थोड़ी देर रूककर सज्जन ने हल्का झटका दिया, मैं दर्द से छटपटा उठी. मुझे लग रहा था मानो मेरी चूत के दो टुकड़े हो गए हैं. मैंने पूछा- क्या पूरा अन्दर चला गया? सज्जन- नहीं अभी सिर्फ आधा ही गया है. मैंने सज्जन से कहा- मैं यह पूरा नहीं ले सकूँगी. प्लीज बाहर निकाल लो, इसमें सिर्फ बहुत दर्द होता है … मजा बिल्कुल नहीं आ रहा है! सज्जन मेरे ऊपर से उतर गए. मेरी चूत बहुत दुःख रही थी, मैंने चूत की बर्फ से सिकाई की और दर्द निवारक दवा ली. मुझे चलने में मुश्किल हो रही थी. अगली दो रात तक हमने सेक्स नहीं किया, तो दर्द ठीक हो गया. उसके बाद से मैंने कभी हब्शी डिल्डो अन्दर नहीं लिया. मैं सम्भोग में 4 प्रकार के लंड का मजा ले रही थी. किसी रात सज्जन पतला और लम्बा डिल्डो पहनते, जो बहुत अन्दर तक जाता, कभी ऊपर की ओर मुड़ा वाला ले लेती … कभी थोड़ा मोटा पर कम लम्बा वाले से मजा लेने लगती. कभी काला, कभी गोरा डिल्डो पहन कर मेरी चुदाई होती. इस दौरान मेरी गांड में आस प्लग लगा रहता. मैंने सोचा कि मुझे भी सज्जन को सेक्स में अलग अलग स्वाद देना है. मैं रोलप्ले करने लगी. कभी मैं सेल्स गर्ल, कभी नौकरानी, कभी पड़ोस की भाभी का रूप धर लेती. सज्जन मुझे पटाते. जब मैं कॉलगर्ल का रूप धरती सज्जन पहले मुझे रूपए देते, फिर यौन आनन्द लेते. हमारी शादी को 3 साल हो गए. हम अपने सेक्स जीवन से खुश और संतुष्ट थे. मैं 28 की हो गयी सज्जन 35 के. हम बच्चे के बारे सोचने लगे. हर बार सम्भोग के बाद सज्जन मेरी चूत वीर्य से भर देते. पर हमें बच्चा नहीं हो रहा था. डॉक्टर ने सज्जन के वीर्य की जाँच की वह ठीक था, मेरी भी जाँच हुई. डॉक्टर ने कृत्रिम गर्भाधान की सलाह दी. मेरे गर्भाशय में सज्जन का वीर्य डाला. मैं गर्भवती हो गयी, मैंने एक लड़की को जन्म दिया. हम पिछले 10 साल से साथ रहकर खुश हैं. हमारी बेटी 6 साल की हो गयी है. पाठक पाठिकाओ, यदि पति का लंड कम लम्बा है तो निराश न हों … स्ट्रैप ऑन डिल्डो में भी उतना मजा आता है.

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